तेरी दुनिया में सब नाशाद आए
अकेले हम नहीं बर्बाद आए
दुआ में इक परिंदे ने ये माँगा
ख़ुदाया अब नया सय्याद आए
बना तस्वीर इक ऐसी मुसव्विर
जिसे देखूँ तो ख़ुद की याद आए
जब अपनी ज़िंदगी फ़ाक़े में गुज़री
मुसलसल याद तब अज्दाद आए
हमारे शहर का दस्तूर है ये
यहाँ जो आए वो बर्बाद आए
— Mohd Arham















