चाँद सितारे तोड़ के लाना मेरे बस की बात नहीं

फर्ज़ी का भौकाल बनाना मेरे बस की बात नहीं

सच है मुझ को तेरी आँखें बेहद प्यारी लगती हैं
लेकिन उन को झील बताना मेरे बस की बात नहीं

इश्क़ में बच्चा बन जाऊँगा बाबू वाबू कह लूँगा
तुतलाना और थाना थाना मेरे बस की बात नहीं

लव यूँ लव यूँ बोल भी दूँ मैं सुब्ह दुपहरी शाम मगर
चैट पे घंटों तक बतियाना मेरे बस की बात नहीं

तस्वीरों में साथ तुम्हारे होना अच्छा लगता है
पाउट कर के मुँह बिचकाना मेरे बस की बात नहीं

'अशरफ़' हूँ सो मेरा नंबर अशरफ़ लिखकर सेव करो
बिन शादी हब्बी कहलाना मेरे बस की बात नहीं

— Ashraf Ali

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