रहे जहाँ भी तू ख़ुश रहे ये दुआ करूँँगी
तेरे दिए हर सितम के बदले वफ़ा करूँँगी
तू जानता है मैं तल्ख़ लहजे की हो भी जाऊँ
तो भी तुझे ही पुकारने की ख़ता करूँँगी
सफ़र में तू साथ जो नहीं चल सकेगा मेरे
सो तेरे क़दमों के नक़्श पर मैं चला करूँँगी
मुझे तो पढ़ना था तेरी आँखों में चेहरा मेरा
कहा ये सोचा था 'मीर' 'ग़ालिब' पढ़ा करूँँगी
मिले अगर ग़म तुझे किसी से तो लौट आना
मेरा ये वा'दा है तेरे ग़म की दवा करूँँगी
Read Full