रहे जहाँ भी तू ख़ुश रहे ये दुआ करूँँगी

तेरे दिए हर सितम के बदले वफ़ा करूँगी

तू जानता है मैं तल्ख़ लहजे की हो भी जाऊँ
तो भी तुझे ही पुकारने की ख़ता करूँगी

सफ़र में तू साथ जो नहीं चल सकेगा मेरे
सो तेरे क़दमों के नक़्श पर मैं चला करूँगी

मुझे तो पढ़ना था तेरी आँखों में चेहरा मेरा
कहा ये सोचा था 'मीर' 'ग़ालिब' पढ़ा करूँगी

मिले अगर ग़म तुझे किसी से तो लौट आना
मेरा ये वा'दा है तेरे ग़म की दवा करूँगी

— Bhoomi Srivastava

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