kisi zindaan se mahboob ko khat likh raha hai | किसी ज़िंदान से महबूब को ख़त लिख रहा है

  - AYUSH SONI

किसी ज़िंदान से महबूब को ख़त लिख रहा है
सियासत की ख़ुशामद को जो बैअत लिख रहा है

अज़िय्यत से भरी दुनिया की हसरत लिख रहा है
वो नफ़रत की हथेली पर मोहब्बत लिख रहा है

कहीं सूली पे लटका दे न ये दुनिया उसे जो
ख़ुदा की मोजिज़ा कारी को औरत लिख रहा है

  - AYUSH SONI

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