@I_am_ayush
AYUSH SONI shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in AYUSH SONI's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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बसा जो शख़्स आँखों में है ओझल क्यूँ नहीं होता
ये पहला इश्क़ ही अक्सर मुकम्मल क्यूँ नहीं होता
यहाँ शहरों में ऐवानों के साए ही मयस्सर हैं
यहाँ गाँवों के जैसा कोई पीपल क्यूँ नहीं होता
जब लगे मुश्किल है यूँ ही मुस्कुराना लौट आना
जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
मैं उसको बेच आया हूँ किसी अफ़सर के हाथों में
जिसे मैं बोल आया था तुम्हें दुल्हन बनाऊँगा
तू मेरे बर्बाद होने का सबब है यार अब तक
फिर भी तेरा ज़िक्र कर देता हूँ अक्सर शाइरी में
माज़ी की तल्ख़ियों भी ऊपर चला गया
वो शख़्स मेरी लाश से होकर चला गया
मैं रोकता रहा उसे भी बारहा मगर
वो धीरे धीरे रूह के अंदर चला गया
सबब मेरे ग़मों का जब कभी पूछेगी वो मुझसे
मैं उसकी ओर देखूँगा ज़रा सा मुस्कुरा दूँगा
ये दुनिया में मुकम्मल इश्क़ करके कौन ज़िंदा है
मैं ज़िंदा हूँ मगर मैं चाहता हूँ ख़ुदकुशी करना
मेरे हम उम्र साथी इश्क़ में गर टूट जाए दिल
ग़म-ए-हिज्राँ में इक महफ़िल सजाना, शाइरी करना
एक तुम हो जो कि मुझसे दूर होती जा रही हो
एक मैं हूँ रफ़्ता रफ़्ता तेरी जानिब आ रहा हूँ
ये इतनी भीड़ क्यूँ भाई, यहाँ मेला लगा है क्या
अरे अच्छा वो छत पर धूप लेने आ गई होगी
मेरे तस्वीर का वादा कभी जो कर गयी थी वो
फ़क़त अब उस मुसव्विर का वो वादा याद आता है
सुना है खूब दर्द-ओ-ग़म सुनाते हो जमाने को
तो लाओ दर्द अपना सारे का सारा मुझे दे दो