शहर में तेरे जब ये दीवाना जाएगा
तेरे नाम से ही पहचाना जाएगा
फिर चाहे तू कहते रहना दुनिया से
मुझको तेरा ही आशिक़ माना जाएगा
चोट लगेगी जब भी दिल पे लोगों के
उल्फत के पल्ले से हर्जाना जाएगा
महफ़िल चीखेगी हर जाम पुकारेगा
मयख़ाने से जब मस्ताना जाएगा
यारों ने तौबा करली तो कैसा डर
पीने-वाला तो रोजाना जाएगा
कैसे बात बनेगी दुनियावालों से
इस दुनिया से जब याराना जाएगा
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