teri baaton par ye dil aayega nahin | तेरी बातों पर ये दिल आएगा नहीं

  - Lalit Mohan Joshi

तेरी बातों पर ये दिल आएगा नहीं
यार वो उस रस्ते अब जाएगा नहीं

'इश्क़ में तो टूटने से जाना ये सब
अब किसी पर और दिल आएगा नहीं

मर गया वो 'इश्क़ करके देखो यहाँ
अब किसी को यार वो भाएगा नहीं

हिज्र की कोई दवा होती गर यहाँ
फिर यहाँ कोई सितम ढाएगा नहीं

आँख में ये बेबसी कैसी है यहाँ
सो ये मिसरा कोई सुलझाएगा नहीं

राह पर कोई फ़क़ीरों के अब यहाँ
फूल कोई यार फैलाएगा नहीं

हो गया जब रोग तुमको भी 'इश्क़ का
दोस्त रातों को भी सो पाएगा नहीं

  - Lalit Mohan Joshi

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