अपने चेहरे पर नहीं रखता नक़ाब
इस वजह से आदमी हूँ मैं ख़राब
होश में सबकी हक़ीक़त दिखती है
इस लिए ही पी रहा हूँ मैं शराब
टोकते हैं लोग पर मैं चुप था क्योंकि
वक़्त देगा मेरे हिस्से का जवाब
कुछ नहीं है पास में मेरे मगर
साथ तेरे होने से बनता नवाब
इस लिए भी लोग रहते हैं ख़फ़ा
मैं सुख़न-वर हूँ वो भी हाज़िर जवाब
— Manoj Devdutt















