मुझ को दफ़्तर जाना हैहाँ उस के घर जाना हैलड़की के घर में घुसनातुम ने ये डर जाना हैलाख मना है हम को जोचाहत में कर जाना हैखिड़की पर काँटे हैं परमुझ को अंदर जाना हैउस ने निकाला आँखों सेरहने समुंदर जाना हैमक़सद तुझ को पाना नहींख़ुश तुझ को कर जाना हैप्यार कमा है कमाना तोधन दौलत धर जाना है— Manoj Devdutt