जब कभी दर्द-ए-सुख़न देखोगे
उस
में शायर को मगन देखोगे
जब सुख़नवर का सुख़न देखोगे
तुम मोहब्बत में बदन देखोगे
सब जहाँ से हुक्मराँ हटवा दो
चैन में तब हर वतन देखोगे
जब तुम्हें होगी मोहब्बत सच्ची
तब सभी करके जतन देखोगे
बाद में सब देखना होगा पर
प्यार में पहले नयन देखोगे
जब कभी तुम इंडिया आओगे
करते तुम सबको नमन देखोगे
देखा है सारा जहाँ तुमने तो
पर कहाँ ऐसा वतन देखोगे
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Manoj Devdutt
our suggestion based on Manoj Devdutt
As you were reading Sukoon Shayari Shayari