rastaa banaya bheem ne | रस्ता बनाया भीम ने

  - Manoj Devdutt

रस्ता बनाया भीम ने
चलना सिखाया भीम ने

हर बंद दरवाजा खुला
जब खटखटाया भीम ने

हक के लिए सबके ही फिर
लड़कर दिखाया भीम ने

अन्याय पर तो रोष भी
खुलकर जताया भीम ने

सोए हुए थे जो दलित
उनको जगाया भीम ने

वो पीठ से चिपका हुआ
झाड़ू छुटाया भीम ने

लटका हुआ था जो गले में
मटका हटाया भीम ने

था जातियों का भूत जो
उसको भगाया भीम ने

आदम न समझा जिनको हक
उनको दिलाया भीम ने

औरत का भी सम्मान फिर
करना सिखाया भीम ने

मनुवाद से आज़ाद भी
हमको कराया भीम ने

विधि का विधाता दुनिया में
ख़ुद को बनाया भीम ने

जाते हुए फिर बुद्ध का
झण्डा उठाया भीम ने

  - Manoj Devdutt

Jafa Shayari

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