थोड़ा बवाल ही करूँँगा मैंबस फिर कमाल ही करूँगा मैंमाथे पे उस के हो शिकन तो फिरसब से सवाल ही करूँगा मैंतू हाथ से निकल गई ता-'उम्रअब तो मलाल ही करूँगा मैंहो ज़िक्र हूर का कभी भी फिरतेरा ख़याल ही करूँगा मैंतू साथ में चले तो फिर ख़ुद कोतेरा हमाल ही करूँगा मैं— Manoj Devdutt