सीधी सादी सी कोई टेढ़ी चीज़
अब नहीं मिलती मेरे जैसी चीज़
पहला ख़त पहला प्यार पहला ग़म
ज़हर-ओ-फंदा सब एक जैसी चीज़
गुड़ जलेबी मिठाई हलवा चाय
उस के होंठों के आगे फीकी चीज़
आज मैं उस के होंठ चूम आया
चख ली दुनिया की सब से मीठी चीज़
तेरे आशिक़ हज़ार हैं अच्छा
बड़ी सस्ती है तुझ सी महँगी चीज़
— Prit















