कमाल-ए-ज़ब्त को यूँँ आज़माना पड़ता हैख़ुदा की राह में सब कुछ लुटाना पड़ता हैहक़ीक़ी इश्क़ में अपने बुरीदा सर के लिएसिनाँ की नोक को मिंबर बनाना पड़ता है— Shajar Abbas