अच्छी ग़ज़लें कह लेते हो अच्छा है
लेकिन रोज़ी-रोटी का कुछ सोचा है
प्यार मोहब्बत क़स
में वादें धोका है
ये दिल को मालूम है फिर भी करता है
फिर से वो पा सकते हो जो छूट गया
उठो जागो और भागो अब भी मौक़ा है
गुड मॉर्निंग गुड नाईट लव यूँ टू जानू
बंधू इन पचरों में न कुछ भी रक्खा है
हद तो ये है खा पी के सब कहते हैं
तुम न खाए तो मुझको भी न खाना है
'उम्र यही है दोस्त अभी कुछ कर लो तुम
ये बाबू सोना से न कुछ भी होना है
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