हर बात तुमको मैं जता पाऊॅं बता सकूं
मैं हाथ ही नहीं गले तुमको लगा सकूं
हाँ मत बना मुझे कोई महंगी सी शय ख़ुदा
ताकी मैं इन गरीबों के, कुछ काम आ सकूं
इतनी वफ़ा तो संग मेरे तुम करो सनम
कुछ तो मैं तेरे बारे में अच्छा बता सकूं
चाहत है कोई इतनी मोहब्बत करे मुझे
आसानी से मैं बीती मुहब्बत भुला संकू
मुझको जुदा भी तू करे तो ऐसे कर 'सलीम'
तुझको न याद आऊं न तुझको भुला सकूं
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