एक अनोखी आदत डालो बात करो
बातों का इक जाल बिछा लो, बात करो
तुमको बाहर करके अंदर बैठा है,
अंदर से वो खौफ़ निकालो , बात करो
यारों में तकरारें होती रहती हैं
झगड़ा छोड़ो, फ़ोन उठा लो , बात करो
तितली जुगनू फूल परिन्दे देखो तो,
सबको अपने पास बिठा लो, बात करो
तुम सेे मुर्दा ख़्वाबों की बू आती है
ख़ामोशी को अब मत पालो, बात करो
मुमकिन है वो तुम जैसी घबराई हो,
उस चिड़िया को दाना डालो, बात करो
इस सेे पहले कोई मुजरिम ठहरा दे
'दर्पन' अपनी जान बचालो , बात करो
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