जंगल जंगल भटका पानी

  - Anmol Mishra

जंगल जंगल भटका पानी
एक नदी में अटका पानी

कोई दरिया खोज रहा था
बीच गगन में लटका पानी

पैर तुम्हारे चूम रहा क्यूँ
जाने कौन से तट का पानी

उसने पूछा क्या है मुहब्बत
देख उसे फिर गटका पानी

इतनी सुन्दर क्या होगा जब
तुम पर पड़ेगा घट का पानी

कितने सागर तैर गया पर
उन आँखों का खटका पानी

  - Anmol Mishra

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