khabar nahin thii ki vo asli 'ishq karti hai | ख़बर नहीं थी कि वो अस्ली 'इश्क़ करती है

  - Bhuwan Singh

ख़बर नहीं थी कि वो अस्ली 'इश्क़ करती है
मैं समझा मेरी तरह फ़र्ज़ी 'इश्क़ करती है

हज़ार लड़कियों से 'इश्क़ कर चुका हूॅं मैं
अभी भी मुझ सेे वो इक लड़की 'इश्क़ करती है

सुनो ये फूल नहीं तोड़ना यहाँ से तुम
इस एक फूल से हर तितली 'इश्क़ करती है

हर एक साल नए लोग मारे जाते हैं
हर एक साल नई पीढ़ी 'इश्क़ करती है

बस इसलिए मुझे उस अजनबी से नफ़रत है
उस अजनबी से मेरी बीवी 'इश्क़ करती है

  - Bhuwan Singh

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