ख़ुदा करे कि मुहब्बत में इक ख़ुशी न मिले
ख़ुदा करे कि तुझे ज़ौक़-ए-आशिक़ी न मिले
ये अलविदा मुझे कह के तू चाहता है जिसे
ख़ुदा करे कि मुहब्बत तुझे कभी न मिले
तू एक साँस की ख़ातिर यहाँ वहाँ भटके
ख़ुदा करे कि तुझे फिर भी ज़िन्दगी न मिले
तू जाम बन के दिखाया है शौक़ से जिसको
ख़ुदा करे कि निगाहों में तिश्नगी न मिले
तुझे हो 'इश्क़ किसी ख़ास शख़्स से 'दानिश'
ख़ुदा करे कि तुझे फिर से अजनबी न मिले
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