Meaning of

कलैंडर

qalander • کلینڈر

संत; रहस्यवादी; यात्री

saint; mystic; wanderer

صوفی; درویش; مسافر

Persian

गुज़र जाते हैं अच्छे और बुरे दिन सब सो ये दिन भी कलेंडर में नहीं रहना — Siddharth Saaz
कलेंडर, दिन ,महीने साल बदले और इक मैं हूँ मुझे कल भी मुहब्बत थी, मुझे अब भी मुहब्बत है — Shadab Asghar
तुम सेे बिछड़े हैं तो कलेंडर ये तब से बस फ़रवरी में अटका है — Nishad
हाथ में तस्बीह लब पर नाम हर पल बस तेरा जानेमन यूँँ इश्क़ में मैं भी क़लंदर बन गया — Chandan Sharma
ख़ुद ही अपना ध्यान रखना है मुझे इश्क़ में मैं भी क़लंदर था कभी — Sibgatullah Anwer
गुज़र जाते हैं अच्छे और बुरे दिन सब सो ये दिन भी कलेंडर में नहीं रहना — Siddharth Saaz
वही मैं हूँ, वही ग़म है, वही दुनिया, कलेंडर बदला है बस कुछ नहीं बदला, — Aves Sayyad
यादों के कलेंडर में अभी साल न बदला बदले हैं नगर हम ने मगर हाल न बदला — SHIV SAFAR
गर क़लंदर है तो फिर अवसर बना आसमाँ को छत ज़मीं को घर बना — Ajeetendra Aazi Tamaam
नया साल भी आने को है मेरे दोस्त पुराना कलैंडर हटाना पड़ेगा — karan singh rajput

'कलैंडर' शब्द एक मुक्त-आत्मा यात्री की छवि प्रस्तुत करता है, जो सांसारिक बंधनों से मुक्त है। कविता में, यह एक ऐसी आत्मा का प्रतीक है जो दिव्य सत्य की खोज में है, सामाजिक मानदंडों से परे। कलैंडर की यात्रा शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों है, जो आंतरिक शांति और ज्ञान की खोज को दर्शाती है।

कवि अक्सर 'कलैंडर' का उपयोग एक ऐसे चरित्र को चित्रित करने के लिए करते हैं जिसने भौतिक इच्छाओं का त्याग कर दिया है। यह सांसारिक पात्रों के विपरीत है, कलैंडर के मार्ग की पवित्रता को उजागर करता है। यह शब्द एकांत, आत्मनिरीक्षण और दिव्य के साथ गहरे संबंध के विषयों को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'कलैंडर' सत्य की अनंत खोज और एक मुक्त जीवन की सुंदरता का प्रतीक है। यह सांसारिकता से परे आध्यात्मिक यात्रा की याद दिलाता है।