Meaning of

क़त्ल

qatl • قتل

हत्या; वध; कत्लेआम

murder; killing; slaughter

قتل; ذبح; خونریزی

Arabic

हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया हमारा ही क़त्ल-ए-आम होगा
हमीं कुएँ खोदते फिरेंगे हमीं पे पानी हराम होगा

अगर यही ज़ेहनियत रही तो मुझे ये डर है कि इस सदी में
न कोई अब्दुल हमीद होगा न कोई अब्दुल कलाम होगा

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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी
जैसी दीवारें हैं वैसा साया है

एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था
एक तू है जो जेल में खाना लाया है

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तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह
आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं

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हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता

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गुजर चुकी जुल्मते शब-ए-हिज्र, पर बदन में वो तीरगी है
मैं जल मरुंगा मगर चिरागों के लो को मध्यम नहीं करूँगा

ये अहद ले कर ही तुझ को सौंपी थी मैं ने कलबौ नजर की सरहद
जो तेरे हाथों से क़त्ल होगा मैं उस का मातम नहीं करूँगा

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उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था मेरा नंबर अब आया
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं अगला नंबर आप का है

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वो क़त्ल कर के मुझे हर किसी से पूछते हैं
ये काम किस ने किया है, ये काम किस का था?

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क़त्ल से पहले वो हर शख़्स के दिल की हसरत
पूछ लेता था मगर पूरी नहीं करता था

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यूँँ बे-तरतीब ज़ख़्मों ने बताया राज़ क़ातिल का
सलीक़े से जो मेरा क़त्ल गर होता तो क्या होता

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ये उस की मेहरबानी है वो घर में ही सँवरती है
निकल आए जो महफ़िल में तो क़त्ल-ए-आम हो जाए

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हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया हमारा ही क़त्ल-ए-आम होगा
हमीं कुएँ खोदते फिरेंगे हमीं पे पानी हराम होगा

अगर यही ज़ेहनियत रही तो मुझे ये डर है कि इस सदी में
न कोई अब्दुल हमीद होगा न कोई अब्दुल कलाम होगा

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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी
जैसी दीवारें हैं वैसा साया है

एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था
एक तू है जो जेल में खाना लाया है

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'क़त्ल', अंतिमता और हानि के भार से भरा शब्द है। कविता में, यह अक्सर मानव स्वभाव के काले पहलुओं को खोजता है, वह अपरिवर्तनीय कार्य जो सब कुछ बदल देता है।

कवि 'क़त्ल' का उपयोग विश्वासघात और त्रासदी के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह नश्वरता की एक कठोर याद दिलाता है, अक्सर प्रेम और बलिदान के विषयों के साथ विपरीत होता है।

क़त्ल की छाया में, कवि जीवन और मृत्यु के बीच की नाज़ुक रेखा पाते हैं।