Meaning of

क़फ़स

qafas • قفس

पिंजरा; बंदीगृह; कारागार

cage; confinement; prison

پنجرہ; قید خانہ; جیل

Arabic

क़फ़स उदास है यारों सबास कुछ तो कहो कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले — Faiz Ahmad Faiz
ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है — Qamar Jalalvi
जो अभी हम जी रहे हैं, वो क़फ़स ए आज़ादी है जो अभी इतने मज़े हैं बा'द में सब बर्बादी है — Prit
क्या अजब रीत है मोहब्बत की हम रिहा हो के भी क़फ़स में हैं — Prit
ख़ून से भर गया है क़फ़स छोड़ दो या मुझे मार दो — Amaan Pathan
नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त ये जहाँ अजब जहाँ है न क़फ़स न आशियाना — Allama Iqbal
मैं हूँ और कुंज-ए-क़फ़स है मिरी राहत के लिए सभी सामान बहम है मिरी इशरत के लिए — divya 'sabaa'

क़फ़स बंदी और प्रतिबंध की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर आत्मा या मन पर लगाए गए सीमाओं का प्रतीक होता है। कविता में, यह स्वतंत्रता के संघर्ष और सामाजिक या व्यक्तिगत बंधनों से मुक्त होने की लालसा का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कवि क़फ़स का उपयोग बंदी और मुक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अधूरी इच्छाओं या सामाजिक मानदंडों द्वारा हृदय की कैद का प्रतीक हो सकता है। पिंजरे में बंद पक्षी की छवि आत्मा की स्वतंत्रता की लालसा के लिए एक सामान्य रूपक है।

क़फ़स हमें स्वतंत्रता और प्रतिबंध के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है। यह सीमाओं को पार करने और साधारण से परे उड़ने की सार्वभौमिक इच्छा को व्यक्त करता है।