Meaning of

क़लंदर

qalander • قلندر

संत; घुमक्कड़

mystic; wanderer

صوفی; درویش

Persian

सियासतों ना क़लंदरों के ना माल-ओ-ज़र या सिंगार आगे झुकेगा सर अपना सिर्फ़ रोज़ी या दीद-ए-परवर-दिगार आगे — Aarush Sarkaar
हाथ में तस्बीह लब पर नाम हर पल बस तेरा जानेमन यूँँ इश्क़ में मैं भी क़लंदर बन गया — Chandan Sharma
गर क़लंदर है तो फिर अवसर बना आसमाँ को छत ज़मीं को घर बना — Ajeetendra Aazi Tamaam
नया साल भी आने को है मेरे दोस्त पुराना कलैंडर हटाना पड़ेगा — karan singh rajput
हुस्न नसीहत इश्क़ इबादत मेरे लिए सौदाई है तुम माहिर हो सब में जानाँ ग़ज़ब क़लंदरकारी है — Karal 'Maahi'
हम क़लंदर-मिज़ाज हैं 'ज़ामी' हम कनाअत-शिआर होते हैं — Parvez Zaami
दुनिया-ए-सुख़न का मैं क़लन्दर नहीं होता गर पेशे नज़र मीर का दफ्तर नहीं होता — Khalid Lakhnavi
ख़ुद ही अपना ध्यान रखना है मुझे इश्क़ में मैं भी क़लंदर था कभी — Sibgatullah Anwer

क़लंदर एक संत या घुमक्कड़ तपस्वी को संदर्भित करता है, जो अक्सर सांसारिक संपत्ति और चिंताओं से अलग होता है। कविता में, यह आध्यात्मिक स्वतंत्रता, भौतिक बंधनों से मुक्त जीवन और दिव्य के साथ गहरे संबंध का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'क़लंदर' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो सामाजिक मानदंडों से परे रहते हैं। यह उन लोगों के लिए एक रूपक है जो सत्य और ज्ञान की खोज करते हैं, अक्सर एकांत में। यह शब्द भौतिकवाद के विपरीत, सादगी और भक्ति के जीवन को उजागर करता है।

क़लंदर आध्यात्मिक सत्य की खोज को मूर्त रूप देता है। यह हमें भौतिक सीमाओं से परे जीवन पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।