Meaning of

क़िस्त

qist • قسط

किस्त; हिस्सा; भाग

installment; portion; share

قسط; حصہ; حصہ داری

Arabic

कहो कि ये ख़िज़ाँ नहीं कहो कि ये बहार है
नज़र नज़र का खेल है नज़र का ही ये वार है

ख़ुदा भरेगा क़िस्त को ये टूटे दिल ख़रीदकर
ये इश्क़ की कहानियाँ उसी पे सब उधार है

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मिलना हमारा कम हुआ फिर बात कम हुई
क़िस्तों में मुझ ग़रीब की ख़ैरात कम हुई

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भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए

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इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए

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सच को सच ही कहा जाए तो अच्छा होगा
दर्द कुछ कम ही सहा जाए तो अच्छा होगा

ये हर रोज़ जो किस्तों में मर रहे है हम
इस का रस्ता जो किया जाए तो अच्छा होगा

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मनाए जाते हैं साल-हा-साल जन्मदिन हम
चुकाए जाते हैं जैसे किश्तें ये ज़िंदगी की

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किया था फ़क़त इश्क़ , सोचा नहीं था कभी ये
कज़ा को ख़रीदा हूँ और वो भी क़िस्तों में साहब

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बहुत आसान किस्तों में मुझे तुम पा गए वर्ना
जिसे दिल चाहता है वो बड़ी मुश्किल से मिलता है

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जिन से नक़द मोहब्बत होती है "जस्सर"
उन सेे बातें किस्तों में क्यूँ होती हैं

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किश्तें चुकाता रह गया वो बाप पर
दामाद की फ़रमाइशे सब पूरी कीं

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कहो कि ये ख़िज़ाँ नहीं कहो कि ये बहार है
नज़र नज़र का खेल है नज़र का ही ये वार है

ख़ुदा भरेगा क़िस्त को ये टूटे दिल ख़रीदकर
ये इश्क़ की कहानियाँ उसी पे सब उधार है

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मिलना हमारा कम हुआ फिर बात कम हुई
क़िस्तों में मुझ ग़रीब की ख़ैरात कम हुई

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'क़िस्त' का मूल अर्थ किसी बड़ी चीज़ के विभाजन या हिस्से से है, जो अक्सर वित्तीय संदर्भों में उपयोग होता है। कविता में, यह विभाजन मानव अनुभवों की खंडित प्रकृति का प्रतीक हो सकता है, जहाँ प्रत्येक 'क़िस्त' पूरी यात्रा का एक हिस्सा दर्शाती है।

कवि अक्सर 'क़िस्त' का उपयोग जीवन की अपूर्णता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह संपूर्ण के लिए लालसा की भावना को जागृत कर सकता है, जबकि हिस्सों के साथ संतोषजनक होता है। यह शब्द 'कुल' (संपूर्ण) के साथ विपरीत होता है, जो क्या है और क्या हो सकता है के बीच तनाव को उजागर करता है।

कविता में, 'क़िस्त' हमें खंडों में सुंदरता की याद दिलाती है। प्रत्येक टुकड़ा एक कहानी, एक क्षण, एक सत्य को धारण करता है।