Meaning of

क़ुर्ब

qurb • قرب

निकटता; समीपता; आत्मीयता

closeness; proximity; intimacy

قربت; نزدیکی; محبت

Arabic

जब भी तिरी क़ुर्बत के कुछ इम्काँ नज़र आए हम ख़ुश हुए इतने कि परेशाँ नज़र आए — Sadique Naseem
है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा — Anwar Masood
सुब्ह सवेरे नंगे पाँव घास पे चलना ऐसा है जैसे बाप का पहला बोसा क़ुर्बत जैसे माँओं की — Hammad Niyazi
कैसी बिपता पाल रखी है क़ुर्बत की और दूरी की ख़ुशबू मार रही है मुझ को अपनी ही कस्तूरी की — Naeem Sarmad
भले हैं फ़ासले क़ुर्बत से ख़ौफ़ लगता है ये क्या बला है जो ऐसी विरानी क़ैद हुई — Beybaar
इक पल का क़ुर्ब एक बरस का फिर इंतिज़ार आई है जनवरी तो दिसम्बर चला गया — Rukhsaar Nazimabadi

मूल रूप से 'क़ुर्ब' का अर्थ है शारीरिक या भावनात्मक निकटता, एक ऐसा समीपता जो केवल दूरी से परे है। कविता में, यह शब्द अक्सर अंतरंग संबंधों की गर्माहट को दर्शाता है, चाहे वह प्रेमियों के बीच हो, दोस्तों के बीच हो, या ईश्वर के साथ हो। यह आराम और अपनापन का एहसास कराता है, साझा पलों और आपसी समझ का कोमल स्मरण कराता है।

'क़ुर्ब' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमियों के बीच कोमल निकटता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह ईश्वर के साथ आध्यात्मिक निकटता को भी दर्शा सकता है। यह शब्द 'फ़िराक़' के विपरीत है, जो अलगाव को दर्शाता है।

कविता की दुनिया में, 'क़ुर्ब' एक कोमल आलिंगन है, एकता की फुसफुसाहट। यह उन बंधनों की बात करता है जो दूरी को नकारते हैं।