Meaning of

ज़हमत

zahmat • زحمت

परेशानी; असुविधा; प्रयास

trouble; inconvenience; effort

پریشانی; تکلیف; کوشش

Arabic

इतनी ज़हमत कौन उठाए सन्नाटे से बात करे
ख़ुद अपने ज़ख़्मों से उलझे दर्द से दो दो हाथ करे

आँख उठा कर जब से तू ने उस बादल को देखा है
सावन में सूखा घू
में है फागुन में बरसात करे

1

Download Image

मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

47

Download Image

खटखटाने की कोई ज़हमत ही आख़िर क्यूँ करे
इस लिए भी घर का दरवाज़ा खुला रखता हूँ मैं

34

Download Image

अगर वो बे-वफ़ा है तो मुहब्बत कर नहीं सकता
तुम्हारे साथ चलने की वो ज़हमत कर नहीं सकता

8

Download Image

मैं समाया था तिरे दिल में भी हिम्मत कर के
तू मिरे पास भी आता था यूँँ ज़हमत कर के

7

Download Image

रोज़ जीने की मैं ज़हमत उठाता हूँ
एक रिश्ता जो ख़ुद से ख़ुद निभाता हूँ

आता नइँ कोई इस घर में मगर फिर भी
रोज़ दरवाज़े से दीमक हटाता हूँ

4

Download Image

हो फ़िज़ा ख़ुश गरीब ख़ाने की
आप ज़हमत तो कीजे आने की

3

Download Image

तू ज़हमत लौटने की करना भी मत
सँभलता देख अब घर वाले ख़ुश हैं

3

Download Image

ग़ज़ल का आख़री जो शे'र था वो था बहुत अच्छा
मगर तुम ने कहाँ पूरी ग़ज़ल पढ़ने की ज़हमत की

1

Download Image

अधूरी रही ये तलब आशिक़ी की
मुकम्मल जो कलतक था वो सब धुआँ है

ये ज़हमत,ये तोहमत, ये रातों का जगना
तुम्हें चाहना सब के बस का कहाँ है

1

Download Image

इतनी ज़हमत कौन उठाए सन्नाटे से बात करे
ख़ुद अपने ज़ख़्मों से उलझे दर्द से दो दो हाथ करे

आँख उठा कर जब से तू ने उस बादल को देखा है
सावन में सूखा घू
में है फागुन में बरसात करे

1

Download Image

मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

47

Download Image

'ज़हमत' मूल रूप से एक बोझ या असुविधा का विचार व्यक्त करता है, कुछ ऐसा जो प्रयास या असुविधा का कारण बनता है। कविता में, यह शब्द अक्सर जीवन की कठिनाइयों, संघर्षों और प्रेम या कर्तव्य के लिए किए गए बलिदानों का प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर 'ज़हमत' का उपयोग जीवन की चुनौतियों के भावनात्मक भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह संबंधों को बनाए रखने के प्रयास या किसी बड़े उद्देश्य के लिए किए गए बलिदानों का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ज़हमत' मानव सहनशीलता और अटल आत्मा का प्रमाण बन जाता है।