Meaning of

ज़िंदान

zindaan • زندان

कारागार; कालकोठरी; बंदीगृह

prison; dungeon; confinement

قید خانہ; قلعہ; حبس

Persian

देख ज़िंदाँ से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख — Majrooh Sultanpuri
रोक सकता हमें ज़िंदान-ए-बला क्या 'मजरूह' हम तो आवाज़ हैं दीवार से छन जाते हैं — Majrooh Sultanpuri
रौज़न-ए-ज़िंदाँ पे मुझ सेे शाम को बात करते हैं परिंदें आनकर — Shajar Abbas
इसी लिए तो है ज़िंदाँ को जुस्तुजू मेरी कि मुफ़लिसी को सिखाई है सर-कशी मैं ने — Ali Sardar Jafri
उसी के हाथ लगेगा सुराग़ हस्ती का जो अपनी ज़ात के ज़िंदाँ से दूर निकलेगा — Dharmesh bashar
मौसम-ए-ज़िंदान बदले तो क़फ़स गुलज़ार हो क़ैदखाने को बदल कर लाभ कुछ होगा नहीं — Aman Kumar Shaw "Haif"
पहले ज़िंदाँ में उस की तस्वीर लगाई जाए फिर चाहे जितना मेरी उम्र क़ैद बढ़ाई जाए — Arman Habib

'ज़िंदान' मूल रूप से एक अंधेरे, संकीर्ण स्थान की छवि प्रस्तुत करता है जहाँ स्वतंत्रता सीमित होती है। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक या आध्यात्मिक बंधनों का प्रतीक होता है, जो आत्मा को रोकते हैं, और स्वतंत्रता की लालसा और वास्तविकता के बीच एक मार्मिक विरोधाभास उत्पन्न करते हैं।

कवि 'ज़िंदान' का उपयोग कैद और लालसा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह हृदय की जेल का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ इच्छाएँ बंद होती हैं। यह 'आज़ादी' जैसे शब्दों के साथ विरोधाभास करता है, जो बंधन और मुक्ति के बीच तनाव को उजागर करता है।

कविता में, 'ज़िंदान' केवल एक स्थान नहीं, बल्कि एक अवस्था बन जाता है। यह भीतर और बाहर की सीमाओं पर चिंतन का आमंत्रण देता है।