Meaning of

मुताबिक़

mutaabiq • مطابق

अनुसार; के मुताबिक

according to; in accordance with

مطابق; کے مطابق

Arabic

तुम्हारे ही मुताबिक़ क्यूँँ जिए जाएँ मुहब्बत की है बेचा थोड़ी है ख़ुद को — Haresh Vanza
मर्ज़ी के मुताबिक़ कभी आने नहीं देते हम हक़ भी कमाएँ तो कमाने नहीं देते — Hameed Sarwar Bahraichi
बात तो है ख़ास ही अब वो बताएँ कैसे सिर्फ़ ज़ाहिर हो निगाहों से छुपाएँ कैसे — Manohar Shimpi
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे — Waseem Barelvi
मुताबिक़ मैं हवा के आज चल के जा रहा हूँ अब ख़बर क्या ये हवा कल भी मुवाफ़िक़ चल सकेगी क्या — Manish Yadav
मैं तुम्हारे ही मुताबिक क्यूँ चलूँगी कौन हो तुम क्या हो मेरे ये बताओ — Arohi Tripathi
मुताबिक तेरे जब किरदार हो जाए सुखी ये मेरा तब संसार हो जाए — DILBAR

'मुताबिक़' शब्द किसी चीज़ के साथ सामंजस्य या अनुरूपता का भाव व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर आंतरिक भावनाओं और बाहरी परिस्थितियों के बीच के सामंजस्य या असामंजस्य को दर्शाता है।

'मुताबिक़' का प्रयोग कवि भाग्य और चुनाव के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच के तनाव को उजागर कर सकता है।

कविता में, 'मुताबिक़' स्वयं और संसार के बीच एक पुल का काम करता है, जो सामंजस्य और असामंजस्य पर चिंतन को आमंत्रित करता है।