Meaning of

यास

yaas • یاس

निराशा; आशाहीनता

despair; hopelessness

ناامیدی; مایوسی

Arabic

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता
हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता

ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था
गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता

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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो
कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है

126

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प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना
तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है

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वो हिंदू, मैं मुस्लिम, ये सिक्ख, वो ईसाई
यार ये सब सियासत है चलो इश्क़ करें

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इस दौर-ए-सियासत का इतना सा फ़साना है
बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है

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कोई समुन्दर, कोई नदी होती, कोई दरिया होता
हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता?

85

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जिस को ख़ुद मैं ने भी अपनी रूह का इरफ़ाँ समझा था
वो तो शायद मेरे प्यासे होंटों की शैतानी थी

80

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चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या

उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या

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सिगरेट की शक्ल में कभी चाय की शक्ल में
इक प्यास है कि जिस को पिए जा रहे हैं हम

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बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

50

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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता
हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता

ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था
गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता

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‘यास’ शब्द गहरी निराशा की भावना को व्यक्त करता है, जैसे आशाहीनता का अंधेरा दिल पर छा जाता है। कविता में, यह अक्सर उन काले सायों का प्रतीक होता है जो सपनों और आकांक्षाओं पर पर्दा डाल देते हैं।

कवि ‘यास’ का उपयोग भावनात्मक उथल-पुथल की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मौन पीड़ा की तस्वीर खींचता है, जहाँ शब्द विफल हो जाते हैं लेकिन दिल की पीड़ा जारी रहती है। यह क्षणिक खुशी के क्षणों के विपरीत होता है, खुशी की अस्थिर प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, ‘यास’ मानव स्थिति की नाजुकता की याद दिलाता है। यह निराशा के बीच दिल की दृढ़ता का प्रमाण है।