Meaning of

यास

yaas • یاس

निराशा; आशाहीनता

despair; hopelessness

ناامیدی; مایوسی

Arabic

प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है — Rahat Indori
इस दौर-ए-सियासत का इतना सा फ़साना है बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है — Unknown
जिस को ख़ुद मैं ने भी अपनी रूह का इरफ़ाँ समझा था वो तो शायद मेरे प्यासे होंटों की शैतानी थी — Jaun Elia
सिगरेट की शक्ल में कभी चाय की शक्ल में इक प्यास है कि जिस को पिए जा रहे हैं हम — Ameer Imam
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है — Waseem Barelvi
वो हिंदू, मैं मुस्लिम, ये सिक्ख, वो ईसाई यार ये सब सियासत है चलो इश्क़ करें — Rahat Indori
कोई समुन्दर, कोई नदी होती, कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता? — Tehzeeb Hafi
बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ — Rahat Indori

‘यास’ शब्द गहरी निराशा की भावना को व्यक्त करता है, जैसे आशाहीनता का अंधेरा दिल पर छा जाता है। कविता में, यह अक्सर उन काले सायों का प्रतीक होता है जो सपनों और आकांक्षाओं पर पर्दा डाल देते हैं।

कवि ‘यास’ का उपयोग भावनात्मक उथल-पुथल की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मौन पीड़ा की तस्वीर खींचता है, जहाँ शब्द विफल हो जाते हैं लेकिन दिल की पीड़ा जारी रहती है। यह क्षणिक खुशी के क्षणों के विपरीत होता है, खुशी की अस्थिर प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, ‘यास’ मानव स्थिति की नाजुकता की याद दिलाता है। यह निराशा के बीच दिल की दृढ़ता का प्रमाण है।