Meaning of

रंज-ओ-ग़म

ranj-o-gham • رنج و غم

दुःख और ग़म; पीड़ा और उदासी

sorrow and grief; pain and sadness

رنج و غم; درد و اداسی

Persian

सब रंज ओ ग़म भी गुम थे जब मिरे साथ तुम थे वो दौर था हमारा कितना हँसी ख़ुशी का — Saif Dehlvi
ग़ालिब के रंज-ओ-ग़म देख के माना हम उन से अच्छे उन को पढ़ के समझे क्या है दिया उस सूरज के आगे — Sanjay Bhat
मुझ को अज़ीज़ ऐसे हैं दुनिया के रंज-ओ-ग़म जैसे किसी फ़क़ीर को कासा अज़ीज़ हो — Jawed ahmad jawed

रंज-ओ-ग़म मानव पीड़ा की गहरी गहराइयों को समेटे हुए है। कविता में, यह एक ऐसा वाक्यांश है जो दुःख और ग़म की जुड़ी हुई प्रकृति को व्यक्त करता है, जो अक्सर मानव हृदय की जटिलताओं की खोज के लिए उपयोग किया जाता है।

कवि 'रंज-ओ-ग़म' का उपयोग पीड़ा के साझा मानव अनुभव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा वाक्यांश है जो हानि और लालसा के सार्वभौमिक विषयों के साथ गूंजता है, जो अक्सर आनंद और आशा के क्षणों के विपरीत होता है।

रंज-ओ-ग़म हृदय के गहरे दुःखों की गूंज है, मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।