Meaning of

मजनूं

majnuun • مجنوں

प्रेम में पागल; प्रेमी

madly in love; passionate lover

محبت میں پاگل; عاشق

Arabic

शाहजहाँ जब याद में खो कर ताजमहल बनवाएँगे
मजनूँ जी जब पागल होकर लैला री चिल्लाएँगे

हम तो कायर प्रेमी हम
में क्या कोई सामर्थ्य मगर
जादूनगरी से हम कोई जादूगर ले आएँगे

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तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया
रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया

मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को
या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया

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इश्क़ की इक रंगीन सदा पर बरसे रंग
रंग हो मजनूँ और लैला पर बरसे रंग

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दश्त छोड़े हुए अब तो अर्सा हुआ
मैं हूँ मजनूँ मगर नाम बदला हुआ

मुझ को औरत के दुख भी पता हैं कि मैं
एक लड़का हूँ बेवा का पाला हुआ

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सियाह रात की सरहद के पार ले गया है
अजीब ख़्वाब था आँखें उतार ले गया है

है अब जो ख़ल्क़ में मजनूँ के नाम से मशहूर
वो मेरी ज़ात से वहशत उधार ले गया है

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वो चाहे मजनूँ हो, फ़रहाद हो कि राँझा हो
हर एक शख़्स मेरा हम सबक़ निकलता है

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अगरचे इश्क़ में मजनू बड़े बदनाम होते हैं
अगरचे क़ैस जैसे आशिक़ों के नाम होते हैं

भटक सकती नहीं जंगल में लैला चाह कर के भी
अजी लैला को घर में दूसरे भी काम होते हैं

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दिल सहमेगा दम निकलेगा घबराओगे
तन्हाई में दिया बुझाकर रह पाओगे

जिस के पीछे भाग रहे हो पागल मजनू
उस को पाकर गले लगा कर रुक जाओगे

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नहीं मजनूँ से दिल क़वी लेकिन
यार उस ना-तवाँ के हम भी हैं

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कह के मजनूँ मुझे यहाँ जानम
सर नहीं फोड़ता कोई मेरा

इस ज़माने में सिर्फ़ तेरे सिवा
दिल नहीं तोड़ता कोई मेरा

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शाहजहाँ जब याद में खो कर ताजमहल बनवाएँगे
मजनूँ जी जब पागल होकर लैला री चिल्लाएँगे

हम तो कायर प्रेमी हम
में क्या कोई सामर्थ्य मगर
जादूनगरी से हम कोई जादूगर ले आएँगे

12

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तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया
रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया

मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को
या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया

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मजनूं एक ऐसे प्रेमी की छवि प्रस्तुत करता है जो प्रेम में इतना डूबा होता है कि तर्क और वास्तविकता धुंधले हो जाते हैं। कविता में, यह प्रेम के लिए अंतिम बलिदान का प्रतीक है, जहाँ दिल आगे बढ़ता है और दिमाग उसका अनुसरण करता है, अक्सर पागलपन की कगार तक।

कवि मजनूं का उपयोग प्रेम की उस गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो तर्क को चुनौती देती है। इसे अक्सर तर्कसंगतता के विपरीत रखा जाता है, दिल की श्रेष्ठता को उजागर करते हुए। यह शब्द प्रेम की जलती हुई आग की तस्वीर खींचता है, जहाँ प्रेमी अपनी लालसा के साथ एक हो जाता है।

मजनूं प्रेम की उस शक्ति का प्रमाण है जो तर्क से परे जाती है। यह हमें दिल की इच्छाओं के आगे समर्पण की सुंदरता और खतरे की याद दिलाता है।