शाहजहाँ जब याद में खो कर ताजमहल बनवाएँगेमजनूँ जी जब पागल होकर लैला री चिल्लाएँगेहम तो कायर प्रेमी हममें क्या कोई सामर्थ्य मगरजादूनगरी से हम कोई जादूगर ले आएँगे— Rakesh Mahadiuree