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दिल सहमेगा दम निकलेगा घबराओगेतन्हाई में दिया बुझाकर रह पाओगेजिसके पीछे भाग रहे हो पागल मजनूउसको पाकर गले लगा कर रुक जाओगे
As you were reading Shayari by Ravi Goswami
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