Meaning of

क़वाम

qaam • قوام

स्थिरता; दृढ़ता; स्थायित्व

consistency; firmness; stability

استحکام; مضبوطی; پائیداری

Arabic

मक़ाम 'फ़ैज़' कोई राह में जचा ही नहीं
जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले

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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

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उसी मक़ाम पे कल मुझ को देख कर तन्हा
बहुत उदास हुए फूल बेचने वाले

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जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे
जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे

अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है
लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे

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लाई है किस मक़ाम पे ये ज़िंदगी मुझे
महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे

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सर-ज़मीन-ए-हिंद पर अक़्वाम-ए-आलम के 'फ़िराक़'
क़ाफ़िले बसते गए हिन्दोस्ताँ बनता गया

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कोई तुम सा भी काश तुम को मिले
मुद्दआ' हम को इंतिक़ाम से है

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दौलतें हों शोहरतें हों क़ामयाबी चार-सू
आदमी दर आदमी अब सौ तरह की प्यास हैं

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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली
शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया

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हुस्न को शर्मसार करना ही
इश्क़ का इंतिक़ाम होता है

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मक़ाम 'फ़ैज़' कोई राह में जचा ही नहीं
जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले

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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

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क़वाम एक अटल स्थिरता और दृढ़ता का भाव जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह अडिग और सुसंगत होने की स्थिति को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को भावनात्मक दृढ़ता और मानव आत्मा की स्थिर प्रकृति को व्यक्त करने के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर क़वाम का उपयोग प्रेम की स्थायी प्रकृति या मानव हृदय की दृढ़ता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो नाजुकता या परिवर्तन का सुझाव देते हैं। यह स्थिरता में पाए जाने वाले बल का प्रमाण है।

क़वाम स्थिरता की शांत शक्ति को समेटे हुए है। यह अपनी आत्मा के प्रति सच्चे रहने की शक्ति की याद दिलाता है।