Meaning of

क़ासा

qaasa • قاسہ

कटोरा; थाली; पात्र

bowl; dish; vessel

کٹورا; تھالی; برتن

Arabic

मुझ को अज़ीज़ ऐसे हैं दुनिया के रंज-ओ-ग़म
जैसे किसी फ़क़ीर को कासा अज़ीज़ हो

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वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा
मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया

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ये क़त्ल-ए-आम और बे-इज़्न क़त्ल-ए-आम क्या कहिए
ये बिस्मिल कैसे बिस्मिल हैं जिन्हें क़ातिल नहीं मिलता

वहाँ कितनों को तख़्त ओ ताज का अरमाँ है क्या कहिए
जहाँ साइल को अक्सर कासा-ए-साइल नहीं मिलता

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मेरे दुख का गर कासा टूटे
मुमकिन है रब का पासा टूटे

दुख के सहरा में भी बारिश हो
दुख में जब कोई प्यासा टूटे

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फ़क़ीरी से किस्मत न बदले अगर
कुदालों से अपना तू कासा बदल

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ठुकरा के आ गया था मैं ख़ैरात एक दिन
फिर कुछ नहीं बचा मेरे कासा-ए-इश्क़ में

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मोहब्बत का कासा मेरे सामने ला
ये माल और दौलत बहुत है मेरे पास

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है वही कश्ती पुरानी है वही दरिया मेरा
जिस पे तू आने न पाया है वही रस्ता मेरा

मैं मिरी मसरूफ़ियत से तंग आ जाता हूँ दोस्त
मुझ को सीने से लगा के वक़्त कर ज़ाया' मेरा

अपनी वहशत का तक़ाज़ा ढूंढता हूँ दर-ब-दर
ले गया है कोहकन जिस रोज़ से तेशा मेरा

याद कर कूचा-नवर्दी,याद कर उल्फ़त के दिन
याद कर बातें मेरी और याद कर चेहरा मेरा

जब हवाएँ थक गईं थीं कोशिशें कर दश्त में
रेत तब रक्साँ हुई थी चूम कर साया मेरा

बारिशों को मौसमों का खेल सब कहते हैं पर
रो पड़े थे अब्र-पारे जान कर क़िस्सा मेरा

आँख वो हँसती रही तो खिल उठे सूखे गुलाब
आँख वो रोने लगी तो रो पड़ा सहरा मेरा

ख़ुसरवान-ए-शहर मैं हो जाऊँगा इक लम्स से
और फ़क़त इक दीद से भर जाएगा कासा मेरा

मैं किताबों के जहाँ का एक ख़ुशक़िस्मत किताब
नाव बच्चों ने बनाया फाड़ कर सफ़्हा मेरा

उस नज़र को ख़्वाहिशों का शौक़ दे मेरा ख़याल
उस जबीं को रौशनी देता रहे बोसा मेरा

मैं मुसलसल बंद करता हूँ मगर फिर दम-ब-दम
याद उस की खोलती जाती है दरवाज़ा मेरा

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मुझ को अज़ीज़ ऐसे हैं दुनिया के रंज-ओ-ग़म
जैसे किसी फ़क़ीर को कासा अज़ीज़ हो

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वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा
मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया

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अपने मूल अर्थ में, 'क़ासा' एक साधारण पात्र या कटोरे को संदर्भित करता है, जो अक्सर भोजन परोसने या साझा करने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह सामूहिक सभाओं, साझा भोजन की सरलता और रोजमर्रा की जिंदगी की विनम्रता की छवियों को उभारता है।

'क़ासा' का उपयोग कवि अक्सर विनम्रता और सरलता के प्रतीक के रूप में करते हैं। यह साझा मानव अनुभव, शरीर और आत्मा के पोषण और विनम्रता में पाई जाने वाली सुंदरता का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

'क़ासा' की शांत उपस्थिति में, यह हमें सरलता में सुंदरता और साझा भोजन के माध्यम से बने गहरे संबंधों की याद दिलाता है।