Meaning of

यौम

yaum • یوم

दिन; अवधि; समय

day; period; time

دن; مدت; وقت

Arabic

सितारों में सितारें व्योम में नायाब ये अपने
हजारों में चुनिंदा हैं यहाँ अहबाब ये अपने

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चेहरे से झाड़ पिछले बरस की कुदूरतें
दीवार से पुराना कैलन्डर उतार दे

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देर तक परफ्यूम महकेगा तेरा
देर तक ख़ुद को सम्हाला जाएगा

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ज़मीं को तर-ब-तर करने किसी दिन आएगा बादल
न जाने किन ग़रीबों के घरों को खाएगा बादल

सितारे नोच लाऊँगा किसी दिन ज़िद पे आया तो
अभी ग़र्दिश में हूँ यारों बहुत इतराएगा बादल

ये सारी मछलियाँ जब बद-दुआ देने लगेंगी तब
समुंदर प्यास से तड़पेगा और मर जाएगा बादल

कहीं पर कम कहीं ज़्यादा ये कैसा फ़ैसला तेरा
सॅंभल जा वक़्त है वरना बहुत पछताएगा बादल

मुनाफ़िक़ है ये रातों का किसी को भी नहीं बख़्शा
जवानी ज़ुल्फ़ आँखें और क्या-क्या खाएगा बादल

हमीं हैं जो तुझे सर पे चढ़ाकर फिरते रहते हैं
कुशादा ज़र्फ़ कर लें हम तो क्या टिक पाएगा बादल

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क्यूँ मैं गुलाब दूँ उसे यौम-ए-गुलाब पर
वो लड़की ख़ुद गुलाब के जैसी गुलाब है

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अब भरोसा किसी का न करना 'शिवम्'
दर्द होता बहुत जब भी टूटे भरम

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चूमूँगा पहले पत्तियाँ मुर्शीद गुलाब की
दूँगा गुलाब फिर उसे यौम-ए-गुलाब पर

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चार सालों बा'द आता है मेरा यौम-ए-वफ़ात-ए-इश्क़ साहब
फ़रवरी उनतीस की तारीख़ थी जब बेवफ़ाई की थी उस ने

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ऐ शजर आज से आगाज़-ए-इबादत करिए
यौम-ए-इज़हार पे इज़हार-ए-मोहब्बत करिए

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यौम-ए-वादा है आओ वा'दा करें
हम तुम्हें तुम हमें न भूलोगे

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सितारों में सितारें व्योम में नायाब ये अपने
हजारों में चुनिंदा हैं यहाँ अहबाब ये अपने

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चेहरे से झाड़ पिछले बरस की कुदूरतें
दीवार से पुराना कैलन्डर उतार दे

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'यौम' अपने मूल अर्थ में एक दिन या विशेष अवधि को दर्शाता है, समय के गुजरने का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर जीवन के चक्र, क्षणों की क्षणभंगुरता और समय के शाश्वत नृत्य को उजागर करता है।

'यौम' का उपयोग कवि जीवन की अस्थिरता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह एक महत्वपूर्ण दिन, एक मोड़, या एक जागरूकता के क्षण का प्रतीक हो सकता है। यह अनंतता के विपरीत, अस्तित्व की क्षणिक सुंदरता को उजागर करता है।

समय के नृत्य में, 'यौम' एक क्षणिक कदम और एक शाश्वत लय दोनों है, जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता के सार को पकड़ता है।