ऐसे रोते हैं दर-ओ-दीवार कमरे में
जैसे रोता है कोई बीमार कमरे में
मर गया किरदार अपना ही निभाने में
जो निभाता था सभी किरदार कमरे में
टुकड़े टुकड़ों में बँटी सच्ची मुहब्बत जब
उस ने गर्दन पे रखी तलवार कमरे में
— Jitendra "jeet"
जैसे रोता है कोई बीमार कमरे में
मर गया किरदार अपना ही निभाने में
जो निभाता था सभी किरदार कमरे में
टुकड़े टुकड़ों में बँटी सच्ची मुहब्बत जब
उस ने गर्दन पे रखी तलवार कमरे में
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