बात क्या थी जो मुझ सेे ख़फ़ा हो गए
तुम तो मिलने से पहले जुदा हो गए
मेरे जीवन में आए बहारों से तुम
फिर अचानक से तुम क्यूँ फ़ज़ा हो गए
उम्र भर जो उतारे से उतरे नहीं
मेरी आँखों का तुम वो नशा हो गए
एक पल में बने ख़ास तुम थे मगर
एक पल में ही तुम आम सा हो गए
बात दिल पर लगी क्या बताओ मुझे
तुम समझ से परे की अना हो गए
— Jitendra "jeet"















