aapka ik isaara bahut hai | आपका इक इसारा बहुत है

  - Jitendra "jeet"

आपका इक इसारा बहुत है
दरिया का इक किनारा बहुत है

आसमाँ के सभी तारे उसके
चाँद हो बस हमारा बहुत है

सोचता हूँ उसे छोड़ तो दूँ
यार वो शख़्स प्यारा बहुत है


देखने को बहुत कुछ यहाँ पर

यार का इकऑ नजारा बहुत है
ख़ामुशी ये बयाँ कर रही है

मैंने तुझको पुकारा बहुत है
'इश्क़ मझधार में डूबते को

तिनके का ही सहारा बहुत है
जीत ये बाज़ी हैं उलझनों की

फ़ायदा कम ख़सारा बहुत है

  - Jitendra "jeet"

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