टूट कर दर-बदर हो गया एक दिन
मैं पुराना शजर हो गया एक दिन
तू अभी तो नहीं है मगर क्या पता
बेवफ़ा तू भी गर हो गया एक दिन
जानता ही न था कोई कल तक मुझे
सुर्ख़ियों की ख़बर हो गया एक दिन
मैं किनारे खड़ा जीत की आस में
फिर इधर से उधर हो गया एक दिन
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