@kumaran823919
kumar anupam shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in kumar anupam's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
1
Content
13
Likes
40
सारी दुनिया से किनारा भी नहीं कर सकते
तेरी यादों पे गुज़ारा भी नहीं कर सकते
रू-ब-रू आज हुए भी तो हुए ऐसी जगह
हम कोई साफ़ इशारा भी नहीं कर सकते
ले हम भी सर उठाते हैं मुहब्बत
दिखा जो दाँव आते हैं मुहब्बत
अलिफ़ से मीम तक लाये थे जिनको
वो हम को ही सिखाते हैं मुहब्बत
आप हैं दोस्त तो फिर आपसे दुश्मन बेहतर
राम को याद तो कर लेता था रावण अक्सर
आप मज़बूर थे बिकने को बिके मंदे में
हमनें बाजार की शर्तों को लगा दी ठोकर
बस्ती बस्ती ख़ाक उड़ाये, बस वहशत का मारा हो
उससे इश्क़ की आस न करना जिसका मन बंजारा हो
ख़ुद को शाइर कहते रहना दिल को लाख सुकूँ दे दे
लेकिन दुनिया की नज़रों में तुम अब भी आवारा हो