सारी दुनिया से किनारा भी नहीं कर सकतेतेरी यादों पे गुज़ारा भी नहीं कर सकतेरू-ब-रू आज हुए भी तो हुए ऐसी जगहहम कोई साफ़ इशारा भी नहीं कर सकते— Daagh Aligarhi