rang holi ka KHushi se hi lagaaya tum karo | रंग होली का ख़ुशी से ही लगाया तुम करो

  - Manohar Shimpi

रंग होली का ख़ुशी से ही लगाया तुम करो
जश्न रंगों का सभी मिल के मनाया तुम करो

दोस्त होते रूठने या फिर मनाने के लिए
एक छोटी सी शरारत से हँसाया तुम करो

फ़ालतू सी बात से तुम दूर बच्चों को रखो
झूठ ख़बरों से उन्हें यारों बचाया तुम करो

ख़्वाब में भी और दिल में भी बसे ऐसे मेरे
'इश्क़ का इज़हार करके फिर जताया तुम करो

इश्क़-ज़ादों पर भरोसा कौन करता आज कल
आशिक़ों को यार फिर भी मत सताया तुम करो

आग नफ़रत की हवा के ही बिना घर घर बहे
दफ़'अतन ही फिर हिफ़ाज़त से बुझाया तुम करो

ख़्वाब तारों से 'मनोहर' टूटते है रात को
फिर सितारों जैसे सपने ही सजाया तुम करो

  - Manohar Shimpi

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