रंज-ओ-आज़ार देखना है हमें
और लगातार देखना है हमें
फिर से आएगी एक सुब्ह नई
फिर से अख़बार देखना है हमें
तेरे जैसा ही काश तुझ को मिले
तुझ को बीमार देखना है हमें
हुस्न को आज़मा के देख लिया
अब के किरदार देखना है हमें
ऐसे कैसे किसी को चाहे फिरें
अपना में'यार देखना है हमें
यूँँ ही बाँहों में जान सिमटी रहो
सारा संसार देखना है हमें
हैं कहाँ गुम शराब आँखें तिरी
ख़ुद को सरशार देखना है हमें
ढूँढ कर लाओ मेरे पास उसे
यारों दिल-दार देखना है हमें
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