Top 20 Khamoshi Shayari

Khamoshi shayari beautifully expresses the emotions that words often fail to capture. It reflects the silence of the heart, unspoken feelings, and deep thoughts hidden within. Whether it’s about love, loneliness, or inner peace, khamoshi often speaks louder than words in poetry.

अरे मैं इंतिक़ामन रो रहा हूँ मैं चुप हो जाऊँगा उस को रुला के — Swapnil Tiwari
जो चराग़ सारे बुझा चुके उन्हें इंतिज़ार कहाँ रहा ये सुकूँ का दौर-ए-शदीद है कोई बे-क़रार कहाँ रहा — Ada Jafarey
उस की बेचैनी बढ़ाना चाहती हूँ सुनिए कह कर चुप लगाना चाहती हूँ — Pooja Bhatia
शाम को है लौट आता साथ तेरे वो सुकूँ जो पूरा दिन दिल ढूँढ़ता है — Amol
टकटकी बाँध के मैं देख रहा था जिस को फिर निगाहों से किए उस ने इशारे चुप चाप — Amaan mirza
सुकून ए क़ल्ब होता है मुयस्सर तेरा जब नाम आता है लबों पर — Kiran K
चुप-चाप सुलगता है दिया तुम भी तो देखो किस दर्द को कहते हैं वफ़ा तुम भी तो देखो — Bashar Nawaz
तुम इस ख़मोश तबीअत पे तंज़ मत करना वो सोचता है बहुत और बोलता कम है — Nawaz Deobandi
चुप रहने में अपना ही इक जादू है जो ये कर ले दस के बीच में साधू है — Kush Pandey ' Saarang '
दुनिया भर की सब बातें करती थी ये लड़की जो चुप बैठी है कब से — Sandeep Rajput
रात इतनी तवील कैसे है नींद आती नहीं सुकून नहीं — Meem Alif Shaz
क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं — Mehshar Afridi
जो चुप रहा तो वो समझेगा बद-गुमान मुझे बुरा भला ही सही कुछ तो बोल आऊँ मैं — Iftikhar Imam Siddiqi