यूँँ तुम सेे बिछड़ के कि साजन तुम्हारी
बहुत रो रही है सुहागन तुम्हारी
नगर ये नया है नई है हवाएँ
पुरानी बहुत है ये दुल्हन तुम्हारी
तुम्हारे अलावा नहीं चाहती कुछ
कि प्रियतम हमारे ये बिरहन तुम्हारी
अभी तक रची है बसी है यूँँ साजन
हमारे कलेजे में धड़कन तुम्हारी
सखी तुम सभी उन सेे मिलना तो कहना
बहुत याद करती है जोगन तुम्हारी
तुम्हारी थी है और हमेशा रहेगी
कि साजन हमारे ये जोगन तुम्हारी
जवानी के दिन भी यूँँ तन्हा कटेंगे
मती फिर गई है न भगवन तुम्हारी
मुझे कल मिली थी नए रंग के संग
कि 'राकेश' भाई वो दुल्हन तुम्हारी
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