tere supurd kiya maine zindagi maula | तेरे सुपुर्द किया मैंने ज़िंदगी मौला

  - SALIM RAZA REWA

तेरे सुपुर्द किया मैंने ज़िंदगी मौला
तेरे करम की हो मुझपर भी रहबरी मौला

चमक रही जो फ़ज़ाओं में चाँदनी मौला
तेरे ही दम से ये रौशन है रौशनी मौला

झुका दिया है जो सजदे में मैंने सर अपना
गुनाहगार की पूरी हो बन्दगी मौला

तेरे सुपुर्द किया है मुक़द्दमा अपना
हर एक गुनाह से कर दे मुझे बरी मौला

हयात चीख़ती फिरती है बरहना अब तो
इसे लिबास अता कर सदाक़ती मौला

तेरी चमक से चमकते हैं सब चमक वाले
तेरे ही दम से है दुनिया हरी-भरी मौला

तेरे ही याद से रौशन है प्यार की गलियाँ 

तेरे ही दम से मुनव्वर है ज़िंदगी मौला

  - SALIM RAZA REWA

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