vaqt ne mujhko kabhi murda nahin hone diya | वक़्त ने मुझको कभी मुर्दा नहीं होने दिया

  - SALIM RAZA REWA

वक़्त ने मुझको कभी मुर्दा नहीं होने दिया
हाथ फैलाऊँ कभी ऐसा नहीं होने दिया

उसके एहसानों का लाखों बार दिल से शुक्रिया
जिसने इस नाचीज़ को झूठा नहीं होने दिया

ढल गई अब तो जवानी जिस्म बूढ़ा हो गया
पर तुम्हारे प्यार को बूढ़ा नहीं होने दिया

तुमने भी वा'दा निभाया इस क़दर कि 'उम्र भर
मुझको पागल कर के फिर अच्छा नहीं होने दिया

तेरी ख़ुशबू ने मोअत्तर कर दिया है इस क़दर
मेरी ख़ुशबू ने मुझे अपना नहीं होने दिया

  - SALIM RAZA REWA

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